पेट दर्द क्यों होता है ? कहीं पेट दर्द बड़ी बीमारी का संकेत तो नहीं है ?

पेट दर्द

पेट दर्द होने पर हम अक्सर समझ ही नहीं पाते हैं कि हमें डॉक्टर की जरूरत है या नहीं
क्योंकि हमें कई बार यह पता नहीं होता कि हमारे पेट दर्द क्यों हो रहा है
अगर पेट दर्द से संबंधित समस्या हमें पहले हो चुकी है तो हमें पता होता है कि किन हालातों में हमें डॉक्टर के पास जाना चाहिए
बैसे तो पेट में दर्द होना एक आम समस्या है लेकिन यह लगातार हो रही है तो सावधान हो जाएं
क्योंकि हम इस लेख में आपको बताएंगे कि पेट दर्द क्यों होता है
और किन हालातों में हमे डॉक्टर के पास तुरंत जाना चाहिए।

पेट दर्द क्यों होता है ?

वैसे से तो पेट में दर्द होने के कई कारण होते हैं
लेकिन हम कुछ विशेष कारणों की चर्चा करेंगे जिस वजह से हमारा पेट दर्द करता है।

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लिवर, गॉलब्लैडर अथबा पैंक्रयाज

अगर यह दर्द ठीक पसलियों के नीचे होता है तो यह हमें लिवर , गैलब्लेडर या फिर पैंक्रयाज से जुड़ी समस्याओं का संकेत देता है
जिसमें गैलस्टोन की कंडीसन सबसे कॉमन है क्योंकि गैलस्टोन से पित्त वाहिका ब्लॉक हो जाती हैं
जिसके कारण लिवर सही तरीके से फंसन नही करता

ऐसी अवस्था में अगर रोगी को बुखार और उल्टी आये तो निश्चित ही उसे मेडिकल ट्रीटमेंट की आवश्यकता है
अगर ऐसे रोगी को सही समय में इलाज नहीं दिया गया तो उसकी जान का खतरा और भी बढ़ जाता है ।

किडनी स्टोन से होने वाला पेट दर्द

अक्सर हम इसे पथरी से होने बाला दर्द भी कहते हैं हालांकि इससे होने बाले दर्द में रोगी की जान नहीं जाती है
पथरी का दर्द रोगी के पेट के निचले हिस्से से शुरू होता है और धीरे धीरे कमर के पिछले हिस्से तक जाता है
इसके मुख्य लक्षण में जी घबराना , चक्कर आना और ग्रोइन में दर्द होना शामिल हैं
अगर रोगी को अत्यधिक पेट में दर्द है तो उसे डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

डायवर्टिकुलर डिसीज

हमारी बड़ी आंत में डायवर्टिकुलर डिसीज होने के कारण भी पेट दर्द करता है
क्योंकि डायवर्टिकुलर डिसीज से दर्द और इन्फेक्शन का खतरा होता है
वैसे तो इस तरह के रोगी को मेडिकल इमरजेंसी की जरूरत नही पड़ती
लेकिन रोगी अचानक तेज दर्द के साथ साथ ऐंठन सूजन , कव्ज और डायरिया जैसी समस्या महसूस करे तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

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अपेंडिक्स से होने वाला दर्द

अपेंडिसाइटिस से होने वाला पेट दर्द

अपेंडिसाइटिस को अपेंडिक्स का ही इंफेक्शन कहते हैं
अगर अपेंडिक्स की बीमारी को समय रहते सही इलाज न करवाया गया तो उसका अपेंडिक्स बिगड़ जाता है
इसमें रोगी को डॉक्टर के जाना चाहिए इसमें डॉक्टर अक्सर एंटीबायोटिक दवा के साथ साथ अपेंडिक्स को निकलबाने की सलाह देते हैं

इसमें रोगी को अचानक पेट दर्द होता है जो पेट के बीच से होकर धीरे धीरे दाईं तरफ बढ़ता है ।

डीहाइड्रेशन

लंबे समय से पेट से संबंधित समस्याओं का इलाज न कराने की वजह से दस्त और उल्टी डीहाइड्रेशन का कारण बन जाते हैं
आमतौर पर यह बीमारी बुजुर्गों और बच्चों में देखी गयी है
डीहाइड्रेशन की वजह से होंठ फटना , पेशाब न आना और धड़कन तेज होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं ।

अगर रोगी में इस तरह के कोई लक्षण दिखें तो उसे अवश्य ही डॉक्टर को दिखाना चाहिए
ऐसी अवस्था में डॉक्टर रोगी की नसों के जरिए बॉडी में फ्लूड देकर उसकी जान बचाते हैं

रक्त वाहिकाओं का टूटना अथवा ब्लीडिंग होना

हमारे पेट में कई रक्त वाहिकाएं हैं जिसमें ओर्टो नामक रक्त वाहिका में कट या फिर पंचर हो जाये तो
ऑर्टिक डिसेशन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है
अगर हमारे पेट की कोई भी रक्त वाहिका कट जाए या ब्लीडिंग होने लगे तो रोगी की जान का खतरा बढ़ जाता है
इसके प्रमुख लक्षणों में रोगी को अचानक तेज पेट दर्द होता है
और उसकी हार्ट बीट बढ़ जाती है और साथ ही सिर चकराने , सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या उत्पन्न हो जाती है
तो ऐसे में रोगी तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए ।

आंतो में ब्लॉकेज

पेट दर्द में आंत के ब्लॉकेज की भूमिका भी अहम होती है
क्योंकि अगर हमारी आंतों में ब्लॉकेज हो जाये तो शरीर से निकलने बाले अपशिष्ट पदार्थों को ब्लॉकेज रोक देता है
जबकि कुछ ब्लॉकेज ऐसे होते हैं जो पूरी की पूरी आंत को बंद कर देते हैं
ऐसे अचानक पूरी आंत का ब्लॉक हो जाना रोगी के लिए जानलेवा है
बैसे ट्यूमर , हर्निया जैसी बीमारियों के कारण भी हमारी आंत ब्लॉक हो जाती है ।

वॉल्वुलस आंतों की ब्लॉकेज का सबसे अधिक खतरनाक कारण है यह कोलोन के अपने आप मुड़ने का कारण उत्पन्न होता है
ऐसी स्थिति में रोगी को सही समय में इलाज नहीं दिया तो
वॉल्वुलस हमारी आंत को फाड़ देता है
इसके प्रमुख लक्षणों में –
पेट में सूजन , पेट की ऐंठन , पेट दर्द , तेज धड़कन , बुखार और मल में खून आना हैं ।

अगर इस तरह के तमाम लक्षण दिखाई दें तो रोगी को डॉक्टर के पास जाना आवश्यक हो जाता है।

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