जंक फूड क्या है ? इसको नियमित खाना क्यों है खतरनाक ?

जंक फूड क्या है

जंक फूड क्या है ? – जंक फूड हो या फास्ट फूड यह लगभग एक ही होते हैं जो तले भुने बर्गर , पिज़्ज़ा , आलू की चिप्स जंक फूड कहें या फास्ट फूड का एक उदाहरण हैं
अतः ऐसे ही अल्पाहार को हम जंक फूड या फास्ट फूड के नाम से जानते हैं

संजय गांधी अनुसंधान डॉक्टर सुशील गुप्ता की मानें तो पिछले आठ दस सालों में मोटापा से ग्रसित रोगियों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है.
जिसमें बच्चों के साथ साथ युवा वर्ग भी इसका शिकार है.

इसी संस्थान में प्रोफेसर G. चौधरी का कहना है जंक फूड में वसा, शर्करा और कार्बोहाइड्रेट अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं
जो हमारे शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक हैं.

जंक फूड क्या है ? जंक फूड लिस्ट –

  • बर्गर
  • पिज्जा
  • पेटीज
  • चिप्स
  • चॉकलेट
  • फ्रैंकी

दी गई जंक फूड लिस्ट उन्ही व्यंजनों को शामिल किया गया है जो आजकल काफी प्रचलन में हैं इसके
अलावा भी जंक फूड कई तरह के हो सकते हैं

गर्भवती माँ का गलत खान पान आने बाले बच्चे के स्वास्थ्य पर भी प्रभाव डाल सकता है
प्रणाम स्वरूप बच्चे को आजीवन समय के लिए ब्लड शुगर , हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापे जैसी बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.

फास्ट-फूड
फास्ट फूड

इंग्लैंड के रॉयल बेटेनरी कॉलेज में वहां के कुछ शोधकर्ताओं ने मादा चूहों पर इसका प्रयोग किया
जिसमें उन्होंने मादा चुहों के दो समूह बनाये जिसमें उन्होंने पहले समूह को जंक फूड खिलाया
और दूसरे समूह को उन्होंने सामान्य खाद्यपदार्थ दिया

जब शोधकर्ताओं ने दोनों समूहों का आकलन किया तो उन्होंने पाया कि जिस समूह को उन्होंने जंक फूड खिलाया है
उस समूह के बच्चों में बसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक थी

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अब ध्यान देने की बात यह है कि वसा और कोलेस्ट्रॉल ये दोनों ही चीजें दिल से संबंधित बीमारियों का जोखिम बडा देती हैं
यही तक सीमित नहीं था जंक फूड खाने बाले चूहों के बच्चों में ग्लूकोज व इंसुलिन का स्तर भी अधिक मिला
जिस कारण उनके बच्चे बड़े हो जाने के बाद भी मोटापे से जूझते रहे
इन शोधकर्ताओं की यह स्टडी जनरल ऑफ फिजियोलॉजी के अंक में छापी गई है।

यही नहीं अगर गर्भवती महिला जंक फूड का नियमित आहार लेती है
तो उसके हार्मोन कम हो जाते हैं जिसकी वजह से बांझपन होने का खतरा बढ़ जाता है ।

विशेष –

 डाइटिंग देते समय डाईटीशियन जंक फूड का निषेद कर देते हैं
क्योंकि कोई भी डॉक्टर फास्ट फूड को बढ़ाबा नहीं देता है

जंक फूड शव्द का इस्तेमाल वर्ष 1972 में किया था
जिसका मुख्य उद्देश्य अधिक कैलोरी बाले भोजन से था
बैसे अगर हफ्ते दो हफ्ते में यह खाते हैं तो उससे हमारे शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है ।

कई देशों में जंक फूड से संबंधित विज्ञापनों पर भी निगरानी की जाती है
अतः हमें स्वस्थ रहना है तो इसके नियमित सेवन पर प्रतिबंध लगाना होगा ।

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